भारत एक मजदूर राष्ट्र बन रहा है : क्या आपने ध्यान दिया ?

आज कल राजनीती और हमारे समाज में इतनी हलचल है की कुछ सोचने का मौका ही नहीं मिलता | आये दिन इतनी घटनाएं हो रही हैं की किस किस का ध्यान रखें |

पर ऐसा नहीं है, अगर आपके घर में कुछ भी हो रहा हो तो आपको पता होना चाहिए की वो क्यों हो रहा है और उसे ठीक कैसे किया जा सकता है |

आज में शुरुआत करना चाहता हूँ हमारे देश के शिक्षा विभाग से जो FDI के राक्षश के साथ मिलकर इस देश हो पूर्ण रूप से एक मजदूर राष्ट्र बना देगा | बात भले ही थोड़ी अटपटी लगे पर अगर थोडा खोजबीन करंगे तो सब साफ़ साफ़ नज़र आएगा |

आजकल हमारे शिक्षा मंत्री बहुत ज्यादा काम कर रहे हैं, दिन रात बस काम काम काम | उनका बस एक ही ध्येय है इस देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिक्षित करना | कितनी अच्छी बात है, ऐसा होना ही चाहिए RTE जो आ गया है | पर आखिर ये सब होगा कैसे ? बहुत बड़ा सवाल है और मंत्री जी ने इसका बहुत सरल सा इलाज ढूँढ भी लिया है | सबको admission दो और किसी को फ़ैल मत करो | आपको पता है आज स्कूलों में अध्यापक इतने परेशान हैं की आखिर वो बच्चों को क्या पढाये | बड़ा अटपटा सवाल है, क्या पढाये मतलब ? अरे वोही पढाओ जो course में है | जी हाँ पर उस बच्चे का क्या करें जो कक्षा 8 में है और उसे अपना नाम तक लिखना नहीं आता | क्या वो इंग्लिश, हिंदी, गणित या बाकी कोई भी विषय सीख सकता है ?

यहाँ आपको बात कुछ समझ आने लगी होगी | आज किसी भी बच्चे को क्लास 11th तक फ़ैल नहीं किया जा रहा | अध्यापकों की मजबूरी है की वो सबको पास करे ही करे | अजी सरकारी कानून जो बन गया है | पर इतने भर से अभी मंत्री जी संतुस्ट नहीं हैं, वो क्लास 12 के स्वरुप को भी बदल कर “Open Book Test” लाना चाहते हैं | अब ये open bok test क्या बला है ? इसका मतलब है पेपर देने किताब लेकर जाओ और पेपर देकर आ जाओ | हमारे पढ़े लिखे शिक्षाविद काफी जोर लगा रहे हैं की ऐसा प्रारूप न आये | क्युकी वो जानते हैं की फिर देश को कोई नहीं बचा सकता | तो उन्होंने PAT का सुझाव दिया है | इसका मतलब है pre assessment test. मतलब टेस्ट में क्या आएगा वो पहले बता दिया जायेगा पर सवाल नहीं बताये जायंगे | बस ये बताया जायेगा की पेपर में ये वाला चैप्टर आएगा बाकी नहीं | पर आपको किताब ले जाने की इजाज़त नहीं होगी |

खैर ये open book test से तो अच्छा है पर बर्बादी तो इसमें भी है | पर मंत्री जी की मंद पड़ी बुद्धि को कौन समझाए, ऊपर से मंत्री जी कानून विशेषग्य ठहरे | कोई उनके खिलाफ बोलता है तो उसे कानून की धमकी देते हैं |

मुद्दे की बात ये है की अब आपको ऐसे पढ़े लिखे मिलेंगे जो अपना नाम तक नहीं लिख सकंगे | क्या वो पढ़े लिखे हैं या अनपढ़ | ये इतनी खतरनाक स्तिथि बन जायेगी जिसका कोई इलाज नहीं होगा |

अब आप इसके परिणाम पर ज़रा गौर करें |

प्राइवेट कंपनी तो ऐसे विद्यार्थी भर्ती करेंगी नहीं, बची सरकार | माना वहाँ टेस्ट होता है पर जिस देश में लगभग हर पेपर लीक होता हो वहाँ पेपर पास करना भला कौनसी बड़ी बात है | एक बार पेपर पास हुआ फिर भला आपको कौन रोक सकता है | धीरे धीरे सरकारी महकमे बर्बाद हो जायंगे | अगर में कहूँ ध्वस्त हो जायंगे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी |

फिर क्या होगा ?

उस बेकार डिपार्टमेंट को प्राइवेट कर दो | और क्या हो सकता है ? सरकार से तो चलेगा नहीं अब प्राइवेट लोग ही चलायेगें |

रीटेल सेक्टर में FDI आएगी तो उसे बड़ी तादात में लोग चाहिए जो salesman का काम कर सकें | वह बस इतने पढ़े लिखे चाहिए जो MNC के मानकों पर तो खरे उतरे ( we need fresh gradguates ) पर अपना दिमाग न चलाये | इतनी बड़ी मजदूरों की फ़ौज तो देश का शिक्षा मंत्री ही बना सकता है | और वो बन रही है | सब आपकी आँखों के सामने हो रहा है और आपको पता तक नहीं चल रहा |

 

किसी भी देश की शिक्षा नीति को खराब करदो देश 10-15 साल में गुलाम हो जाता है | अगर ये नीतियां ऐसे ही चलती रही तो आप अपने लिए एक नया देश खोजना शुरू कर दीजिए क्युकी यहाँ तो आप उन्हें वोट दे दे कर मजबूत करते रहंगे और वो आपको बेवकूफ बनाकर देश बेचते रहेंगे|

जागना सीखो | सिर्फ सुबह चाय पीकर ऊठाना जागना नहीं होता | जो आपको परदे पर दिखाया जाता है, उसी परदे के पीछे कितनी कालिख है उसे देखना सीखो |

  • Mani Bhushan

    I like it ………………………thanks so much

  • harshan sen

    ur right really bharat bikaayu hai